बक्सर महिला जेल में बंद महिलाओं को मिला आत्मनिर्भरता का संबल, जन शिक्षण संस्थान ने दिया व्यवसायिक प्रशिक्षण का प्रमाण पत्र


बक्सर महिला मंडल कारा में निरुद्ध महिलाओं के पुनर्वास एवं आत्मनिर्भरता की दिशा में एक सराहनीय पहल करते हुए जन शिक्षण संस्थान द्वारा व्यवसायिक प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य जेल में बंद महिलाओं को हुनरमंद बनाकर उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है।
आज आयोजित प्रमाण पत्र वितरण समारोह में जन शिक्षण संस्थान के संस्थापक चेयरमैन श्री निर्मल सिंह ने प्रशिक्षित महिलाओं को प्रमाण पत्र प्रदान किए। इस मौके पर उन्होंने कहा कि महिलाओं को केवल सहानुभूति नहीं, बल्कि कौशल और अवसर की आवश्यकता होती है। व्यवसायिक प्रशिक्षण उन्हें आत्मनिर्भर बनाकर सम्मानजनक जीवन की ओर अग्रसर करता है। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण के बाद महिलाएं जेल से बाहर आकर स्वरोजगार अपनाकर अपने परिवार का भविष्य संवार सकेंगी।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहीं महिला मंडल कारा, बक्सर की अधीक्षक श्रीमती बबीता कुमारी ने कहा कि प्रशिक्षण से बंदी महिलाओं में न केवल हुनर बल्कि आत्मविश्वास भी बढ़ा है। उन्होंने जन शिक्षण संस्थान को धन्यवाद देते हुए भविष्य में अन्य ट्रेडों में भी प्रशिक्षण कराने की मांग की।
जन शिक्षण संस्थान, बक्सर की निदेशक कुमारी मधु सिंह ने कहा कि कौशल विकास ही आत्मनिर्भरता की सबसे मजबूत नींव है। कार्यक्रम का संचालन सहायक अधिकारी रिंकी कुमारी ने किया।
इस अवसर पर जेल प्रशासन के अधिकारी मो. फिरोज आलम, मास्टर किशोर कुणाल, जन शिक्षण संस्थान के कार्यक्रम अधिकारी संजय कुमार, कुमार अविनाश, प्रशांत पाठक तथा प्रशिक्षक गीता देवी, बिंदु, श्रुति मौजूद रहीं।
कार्यक्रम का समापन बंदी महिलाओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना के साथ किया गया।



