
बक्सर। बिहार मद्य निषेध एवं उत्पाद अधिनियम के तहत जिले के विभिन्न थानों में जब्त एवं राज्यसात किए गए 26 वाहनों की सार्वजनिक नीलामी आगामी 13 अक्टूबर को होगी। समाहर्त्ता-सह-जिला दंडाधिकारी न्यायालय के आदेशानुसार नीलामी की प्रक्रिया पूर्वाह्न 11 बजे से समाहरणालय स्थित सभाकक्ष में शुरू होगी। नीलामी में साइकिल से लेकर मोटरसाइकिल, ऑटो रिक्शा, ई-रिक्शा और कार तक शामिल हैं। वाहनों की न्यूनतम कीमत 110 रुपये से लेकर 53,810 रुपये तक निर्धारित की गई है।
नौ मोटरसाइकिलों समेत 26 वाहन सूची में शामिल
नीलामी की सूची में सबसे अधिक संख्या तिपहिया वाहनों की है। इनमें कुल 12 वाहन शामिल हैं। आठ सीएनजी अथवा डीजल ऑटो रिक्शा की न्यूनतम कीमत 16,360 रुपये से 53,810 रुपये के बीच निर्धारित की गई है। वहीं, चार ई-रिक्शा की कीमत 21,956 रुपये से 32,287 रुपये तक रखी गई है।

दोपहिया वाहनों की श्रेणी में कुल नौ मोटरसाइकिलें शामिल हैं। इनमें टीवीएस अपाचे, बजाज पल्सर, प्लेटिना, होंडा और रिवोल्ट इलेक्ट्रिक जैसी बाइकें हैं। इनकी न्यूनतम कीमत 3,958 रुपये से लेकर 44,484 रुपये तक तय की गई है।
इसी तरह, चौपहिया वाहनों में इंडिगो, हुंडई आई-10 और सेंट्रो समेत तीन कारें शामिल हैं। इनकी आधार कीमत 23,678 रुपये से 43,910 रुपये के बीच निर्धारित की गई है। इसके अलावा, सूची में एवन और एटलस की दो साइकिलें भी हैं। इनका न्यूनतम मूल्य क्रमशः 110 रुपये और 132 रुपये रखा गया है।
10 अक्टूबर तक जमा करना होगा अग्रधन
नीलामी में भाग लेने के इच्छुक लोगों को संबंधित वाहन के निर्धारित न्यूनतम मूल्य का 10 प्रतिशत अग्रधन 10 अक्टूबर तक उत्पाद अधीक्षक कार्यालय में जमा करना होगा। निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही बोली में भाग लेने का अवसर मिलेगा।
नीलामी में सफल बोलीदाताओं को 16 अक्टूबर तक वाहन की संपूर्ण राशि जमा करनी होगी। इसके बाद जिला परिवहन कार्यालय से निबंधन शुल्क की रसीद प्राप्त करनी होगी। सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद ही संबंधित थाना परिसर से वाहन मुक्त किए जाएंगे।
वाहन नहीं बिकने पर 14 अक्टूबर को होगी दोबारा बोली
निर्धारित तिथि यानी 13 अक्टूबर को यदि सभी वाहनों की नीलामी पूरी नहीं हो पाती है, तो शेष वाहनों के लिए 14 अक्टूबर को दोबारा बोली लगाई जाएगी। इसके बाद भी जो वाहन नीलाम नहीं हो सकेंगे, उनकी नीलामी प्रत्येक मंगलवार को कराई जाएगी। इसके लिए निर्धारित न्यूनतम मूल्य में क्रमिक रूप से 10 प्रतिशत की कटौती की जाएगी।
निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरी राशि जमा नहीं करने वाले सफल बोलीदाता का अग्रधन जब्त कर लिया जाएगा। ऐसी स्थिति में दूसरे स्थान पर रहे बोलीदाता को वाहन खरीदने का अवसर दिया जाएगा।



