
बक्सर. एम.पी. हाई स्कूल, बक्सर में आयोजित जिला स्तरीय 32वीं स्टूडेंट कांग्रेस विज्ञान प्रदर्शनी में फाउंडेशन स्कूल के विद्यार्थियों ने शानदार प्रदर्शन किया. जिले के 23 विद्यालयों ने प्रदर्शनी में हिस्सा लिया. फाउंडेशन स्कूल की ओर से प्रस्तुत छह विज्ञान मॉडलों में से तीन मॉडलों का चयन राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए किया गया. एक ही विद्यालय के तीन मॉडलों का राज्य स्तर के लिए चयनित होना विद्यालय के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि है.
इस उपलब्धि के बाद फाउंडेशन स्कूल में हर्ष और उत्साह का माहौल रहा. सोमवार को विद्यालय की प्रार्थना सभा में चयनित विद्यार्थियों को उनके अभिभावकों की मौजूदगी में सम्मानित किया गया. इस दौरान शिक्षक-शिक्षिकाओं, अभिभावकों और विद्यार्थियों ने चयनित प्रतिभागियों को बधाई दी और राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में सफलता की शुभकामनाएं दीं.
दैनिक जीवन की समस्याओं के समाधान पर आधारित मॉडल

विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत तीनों चयनित मॉडल दैनिक जीवन की समस्याओं के व्यावहारिक समाधान खोजने की दिशा में किए गए रचनात्मक प्रयासों पर आधारित हैं. पहले मॉडल में एलपीजी के विकल्प के रूप में एसिटिलीन गैस से संचालित चूल्हे की कार्यप्रणाली प्रस्तुत की गयी. विद्यार्थियों ने निर्णायक मंडल के समक्ष मॉडल का प्रदर्शन करते हुए इसके पीछे किए गए शोध और वैज्ञानिक अवधारणाओं की जानकारी दी.
दूसरे मॉडल में समारोहों और आयोजनों में इस्तेमाल होने वाली कागज एवं प्लास्टिक की प्लेटों के विकल्प के रूप में अनाज से निर्मित खाद्य योग्य प्लेट और कटलरी प्रस्तुत की गयी. मॉडल के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण, प्लास्टिक के उपयोग में कमी और टिकाऊ विकल्पों की आवश्यकता का संदेश दिया गया.
तीसरे मॉडल में मिट्टी की उर्वरता और पौधों की वृद्धि पर प्रयोग किया गया. विद्यार्थियों ने बेकार पड़े गत्ते के छोटे-छोटे टुकड़ों को मिट्टी में मिलाकर गेहूं के बीज बोये और सामान्य मिट्टी में उगाये गये पौधों से उनकी तुलनात्मक वृद्धि का अध्ययन किया. प्रयोग के माध्यम से अपशिष्ट पदार्थों के उपयोग और मिट्टी की गुणवत्ता में सुधार की संभावनाओं को प्रदर्शित किया गया.
उपलब्धियों को उत्सव की तरह मनाने से बढ़ता है बच्चों का मनोबल
विद्यालय के प्राचार्य श्री मनोज त्रिगुण ने चयनित विद्यार्थियों को सम्मानित करते हुए कहा कि किसी भी प्रतियोगिता में सफलता की पहली सीढ़ी उसमें उत्साहपूर्वक भाग लेना है. विद्यार्थियों को पूरे समर्पण के साथ अपना शत-प्रतिशत प्रयास करना चाहिए और जीत-हार की चिंता किये बिना सीखने की प्रक्रिया को प्राथमिकता देनी चाहिए.
उन्होंने कहा कि शिक्षकों और अभिभावकों को विद्यार्थियों की हर छोटी-बड़ी उपलब्धि को उत्सव के रूप में मनाना चाहिए. इससे बच्चों का आत्मविश्वास और मनोबल बढ़ता है तथा वे भविष्य में और अधिक ऊर्जा एवं उत्साह के साथ आगे बढ़ते हैं.
प्राचार्य ने कहा कि इन मॉडलों की विशेषता यह है कि विद्यार्थियों ने अपने आसपास की समस्याओं को समझते हुए उनके समाधान खोजने का ईमानदार प्रयास किया है. कम उम्र से ही विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, स्वतंत्र चिंतन और नवाचार की भावना विकसित की जाए तथा शिक्षकों द्वारा उन्हें उचित मार्गदर्शन और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराये जाएं, तो सकारात्मक परिणाम सामने आते हैं.
एटीएल में मिल रहा प्रयोग और नवाचार का अवसर
फाउंडेशन स्कूल में विद्यार्थियों को स्वतंत्र रूप से सोचने, प्रयोग करने, आपसी सहयोग से सीखने और अपने विचारों को वास्तविक स्वरूप देने के लिए लगातार प्रोत्साहित किया जाता है. विद्यालय में स्थित अटल टिंकरिंग लैब (एटीएल) विद्यार्थियों को अपनी कल्पनाओं और वैज्ञानिक विचारों को व्यावहारिक मॉडल में बदलने का अवसर प्रदान करती है.
विद्यालय का मानना है कि शिक्षा का उद्देश्य केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं है. विद्यार्थियों में समस्या समाधान की क्षमता, वैज्ञानिक सोच, रचनात्मकता और सामाजिक उत्तरदायित्व विकसित करना भी शिक्षा का महत्वपूर्ण उद्देश्य है. इस उपलब्धि पर विद्यालय परिवार ने चयनित विद्यार्थियों, उनके अभिभावकों और मार्गदर्शक शिक्षकों को बधाई देते हुए राज्य स्तरीय विज्ञान प्रदर्शनी में उत्कृष्ट प्रदर्शन की शुभकामनाएं दीं.



