
बक्सर.बिहार पुलिस में वर्दी के साथ चंदन तिलक लगाने पर कथित प्रतिबंध को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। इस मुद्दे पर अब सामाजिक संगठनों की प्रतिक्रिया भी सामने आने लगी है। विश्वामित्र सेना ने इस विषय पर कड़ा विरोध जताते हुए इसे धार्मिक स्वतंत्रता पर चोट बताया है।
मिली जानकारी के अनुसार, हाल ही में बिहार के पुलिस महानिदेशक (DGP) विनय कुमार का एक बयान चर्चा में आया है, जिसमें वर्दी में तिलक लगाने को नियमों के विरुद्ध बताया गया। साथ ही यह भी कहा गया कि यदि कोई पुलिसकर्मी तिलक लगाता है तो उसे हटा दिया जाए। इस निर्देश के सामने आने के बाद विभिन्न वर्गों में बहस शुरू हो गई है।
विश्वामित्र सेना ने इस कथित निर्देश का विरोध करते हुए कहा कि भारत एक धर्मनिरपेक्ष देश है, जहां प्रत्येक नागरिक को अपनी धार्मिक आस्था के अनुसार जीवन जीने का अधिकार है। संगठन का कहना है कि चंदन तिलक जैसे धार्मिक प्रतीकों पर रोक लगाने की बात करना न केवल अनुचित है, बल्कि इससे लोगों की भावनाएं भी आहत होती हैं।

विश्वामित्र सेना के राष्ट्रीय संयोजक राजकुमार चौबे ने बयान जारी कर कहा कि चंदन तिलक सनातन परंपरा और पहचान का प्रतीक है। इसे वर्दी के साथ जोड़कर प्रतिबंधित करना मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है। उन्होंने बिहार सरकार से इस मुद्दे पर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है, ताकि किसी भी वर्ग की आस्था के साथ अन्याय न हो।
वहीं, इस पूरे मामले को लेकर आधिकारिक स्तर पर विस्तृत स्पष्टीकरण का इंतजार किया जा रहा है। फिलहाल यह मुद्दा सामाजिक और राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है।




