
बक्सर जिला परिषद बक्सर में विकास कार्यों को लेकर प्रशासनिक उदासीनता के खिलाफ अब जनप्रतिनिधियों का गुस्सा खुलकर सामने आ गया है। 15वें एवं षष्टम राज्य वित्त आयोग की करोड़ों रुपये की राशि लंबित रहने और पूर्ण कार्यों का भुगतान नहीं होने से नाराज जिला परिषद सदस्यों ने मंगलवार से अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है।
जिला परिषद कार्यालय परिसर में शुरू हुए इस धरने में 10 सूत्री मांगों को लेकर सदस्यों ने प्रशासन के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का ऐलान किया। धरना स्थल पर आयोजित सभा की अध्यक्षता चौसा क्षेत्र की जिप सदस्य पूजा कुमारी ने की, जबकि संचालन नावानगर क्षेत्र के जिप सदस्य डॉ. राजीव कुमार यादव ने किया। सदस्यों ने स्पष्ट कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
धरने पर बैठे सदस्यों ने आरोप लगाया कि 15वें वित्त और षष्टम वित्त आयोग की करोड़ों की राशि उपलब्ध होने के बावजूद योजनाओं को अब तक प्रशासनिक स्वीकृति नहीं दी गई है और न ही कार्यादेश जारी किए गए हैं।

उन्होंने बताया कि कई योजनाएं पूरी हो चुकी हैं, लेकिन उनका भुगतान पिछले 5 महीनों से लंबित है। इसके अलावा जिला परिषद की सामान्य बैठकों में उठाए गए जनहित के मुद्दों पर भी कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।
सदस्यों ने यह भी मांग उठाई कि पंचम वित्त आयोग की राशि को विभाग से वापस मंगाया जाए। वर्ष 2020 से 2025 तक की कई योजनाएं पोर्टल पर लंबित हैं, लेकिन स्वीकृति नहीं मिलने के कारण वे अधर में लटकी हुई हैं।
जिप सदस्यों ने उप विकास आयुक्त-सह-मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने पदभार ग्रहण करने के 5 महीने बाद भी जिला परिषद कार्यालय में बैठकर कार्य नहीं किया है।
सदस्यों का कहना है कि अब तक एक रुपये का भी भुगतान नहीं किया गया और जिला परिषद के कार्यों को ठप कर अन्य कार्यालयों को प्राथमिकता दी जा रही है।
धरना में जिप उपाध्यक्ष नीलम देवी, उपाध्यक्ष मालती देवी, केदार सिंह, धर्मेंद्र कुमार ठाकुर, बेबी देवी, गायत्री देवी, ममता कुमारी और सुनैना देवी समेत कई सदस्य उपस्थित रहे।




