

बक्सर जिला पदाधिकारी बक्सर के आदेशानुसार श्रम संसाधन एवं प्रवासी मजदूर कल्याण विभाग द्वारा गठित बाल श्रमिक धावा दल ने चक्की प्रखंड अंतर्गत एक भवन निर्माण स्थल पर छापेमारी कर दो बाल श्रमिकों को मुक्त कराया। दोनों बच्चे ईंट ढोने का कार्य करते हुए पाए गए थे।
छापेमारी के बाद दोनों बाल श्रमिकों को विमुक्त कर जिला बाल कल्याण समिति, बक्सर को सुपुर्द कर दिया गया है। मामले में दोषी नियोजकों के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
प्रशासन की ओर से बताया गया कि विमुक्त दोनों बाल श्रमिकों को त्वरित सहायता के रूप में 3,000 रुपये प्रति बाल श्रमिक प्रदान किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री राहत कोष से 25,000 रुपये प्रति श्रमिक उनके संबंधित बैंक खातों में जमा कर फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) किया जाएगा।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बक्सर जिले में बाल श्रम को बढ़ावा देने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। इसी क्रम में 17 फरवरी 2026 को आम जनता को जागरूक करने के उद्देश्य से जिला के आधिकारिक फेसबुक पेज पर श्रम अधीक्षक, बक्सर द्वारा विस्तृत जानकारी साझा की गई। साथ ही अन्य माध्यमों से भी व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है, ताकि बाल श्रम के खिलाफ सामाजिक जागरूकता बढ़ाई जा सके।



