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जमुई की घटना के विरोध में बक्सर में आइसा का प्रदर्शन, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का फूंका पुतला

बेटियों की सुरक्षा को लेकर सरकार के दावों और जमीनी हकीकत में अंतर का लगाया आरोप, मुख्यमंत्री से मांगा इस्तीफा

बक्सर। जमुई में कोचिंग से लौट रहे नाबालिग छात्र-छात्रा के साथ कथित बदसलूकी की घटना के विरोध में आइसा की ओर से मंगलवार को राज्यव्यापी प्रतिरोध दिवस मनाया गया। इसी क्रम में बक्सर के बुद्ध मार्ग स्थित आइटीआई रोड में आइसा कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का पुतला दहन कर विरोध जताया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने सरकार से महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा को लेकर जवाबदेही तय करने की मांग की।

आइसा के जिला सचिव अखिलेश ठाकुर ने कहा कि 19 सितंबर की शाम जमुई में कोचिंग से लौट रहे नाबालिग छात्र-छात्रा को रास्ते में रोककर उनके साथ अभद्रता की घटना सामने आयी। उन्होंने कहा कि पुलिस ने मामले में सात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है और तीन आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी है। उन्होंने कहा कि घटना ने महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा को लेकर सरकार के दावों पर सवाल खड़े किए हैं।

उन्होंने मुख्यमंत्री के पूर्व में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर दिए गए बयान का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार को केवल बयान देने के बजाय घटनाओं की रोकथाम और जवाबदेही सुनिश्चित करनी चाहिए। आइसा ने आरोप लगाया कि शाम के समय कोचिंग से लौट रही छात्रा के साथ इस तरह की घटना होना कानून-व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़ा करता है।

आइसा नेता अंशु कुशवाहा ने कहा कि कानून-व्यवस्था का मतलब केवल घटना के बाद गिरफ्तारी करना नहीं है, बल्कि ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए प्रभावी और संस्थागत व्यवस्था सुनिश्चित करना भी सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि छात्राओं की सुरक्षा का सवाल शिक्षा और रोजगार के अवसरों से भी जुड़ा है। दूर-दराज के क्षेत्रों से पढ़ाई के लिए बाहर जाने वाली छात्राओं के बीच असुरक्षा का माहौल शिक्षा के अवसरों को प्रभावित कर सकता है।

उन्होंने हर प्रखंड में डिग्री कॉलेज, सस्ती और सुलभ उच्च शिक्षा तथा युवाओं के लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की मांग दोहरायी। वहीं अभिमन्यु कुमार ने कहा कि सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि अपराधी किसी राजनीतिक या सामाजिक प्रभाव के आधार पर कानून से बच नहीं सकें। उन्होंने जमुई मामले में सभी आरोपियों की गिरफ्तारी, निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच, पीड़ित छात्र-छात्रा की सुरक्षा और आवश्यक सहायता तथा छात्राओं एवं महिलाओं के लिए सुरक्षित सार्वजनिक व शैक्षणिक वातावरण की ठोस व्यवस्था की मांग की।

इस अवसर पर आसीम कुशवाहा, हिमांशु कुमार, चांद अली, गोलू सिंह, गणेश, श्रेयांश ठाकुर समेत अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।

 

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