
बक्सर. महर्षि विश्वामित्र महाविद्यालय, बक्सर में विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकी ज्ञान, रोजगारपरक कौशल एवं व्यक्तित्व विकास से जोड़ने के उद्देश्य से आईएसएम पटना के सहयोग से पूर्ण स्टैक एवं मर्न तथा बिजनेस एनालिटिक्स विषय पर विशेष तकनीकी कार्यशाला का आयोजन मानस भवन में किया गया. कार्यशाला में महाविद्यालय के बीसीए एवं बीबीए के सभी छात्र-छात्राओं ने सक्रिय रूप से भाग लिया.
कार्यक्रम का आयोजन महाविद्यालय के प्रधानाचार्य सह बीसीए एवं बीबीए के निदेशक प्रो. डॉ. कृष्ण कांत सिंह के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में किया गया. उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा केवल कक्षा में शिक्षक द्वारा ज्ञान प्रदान करने तक सीमित नहीं है. विद्यार्थियों को भी अपनी जिम्मेदारी समझते हुए प्रत्येक कक्षा एवं शैक्षणिक कार्यक्रम में गंभीरता और एकाग्रता के साथ भाग लेना चाहिए, ताकि उपलब्ध अवसरों का अधिकतम लाभ उठाया जा सके.
उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों का लक्ष्य केवल सामान्य तकनीशियन बनना नहीं, बल्कि ज्ञान, तकनीकी दक्षता, व्यक्तित्व, नेतृत्व क्षमता एवं व्यावसायिक समझ विकसित कर एक बेहतर तकनीकी विशेषज्ञ बनने का होना चाहिए.
कार्यशाला के प्रथम सत्र में आईएसएम पटना के बीसीए विभाग के सहायक प्राध्यापक भावेश कुमार ने पूर्ण स्टैक एवं मर्न विषय पर व्यावहारिक जानकारी दी. उन्होंने पूर्ण स्टैक डेवलपमेंट, मर्न तकनीक, इसके उपयोग एवं वर्तमान सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में इसकी उपयोगिता के बारे में विद्यार्थियों को विस्तार से बताया.
द्वितीय सत्र में आईएसएम पटना के प्रशिक्षण एवं नियोजन विभाग की नीरू झा ने बिजनेस एनालिटिक्स एवं व्यक्तित्व विकास विषय पर विद्यार्थियों को संबोधित किया. उन्होंने विश्लेषणात्मक सोच, व्यक्तित्व विकास, संचार कौशल एवं रोजगार के लिए आवश्यक व्यावसायिक क्षमताओं के बारे में जानकारी दी.
कार्यक्रम में आईएसएम पटना के प्रवेश विभाग के सहायक प्रबंधक विजय कुमार राय की भी सक्रिय सहभागिता रही. दोनों सत्रों में विद्यार्थियों और विशेषज्ञों के बीच प्रश्नोत्तर एवं चर्चा हुई, जिससे कार्यशाला ज्ञानवर्धक एवं संवादात्मक रही.
इस अवसर पर महाविद्यालय के शिक्षक सारोज कुमारी सर्राफ, अरविंद कुमार, मधुसूदन कुमार, यथार्थ राज एवं अरुण कुमार ओझा सहित बीसीए एवं बीबीए से जुड़े शिक्षक मौजूद रहे. कार्यक्रम का संचालन बीबीए समन्वयक डॉ. पंकज कुमार चौधरी ने किया. वहीं बीसीए समन्वयक डॉ. सैकत देबनाथ ने धन्यवाद ज्ञापन किया.
कार्यक्रम के सफल आयोजन एवं समन्वय में डॉ. शिवम भारद्वाज, सहायक, बीबीए एवं बीसीए की महत्वपूर्ण भूमिका रही. महाविद्यालय में आयोजित यह कार्यशाला विद्यार्थियों को तकनीकी ज्ञान, व्यावहारिक कौशल, व्यक्तित्व विकास एवं करियर संबंधी जानकारी उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल रही.



