
बक्सर। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) की बक्सर नगर इकाई की ओर से शुक्रवार को महर्षि विश्वामित्र महाविद्यालय के मानस सभागार में तेजस्विनी युवती सम्मेलन का आयोजन किया गया. सम्मेलन में छात्राओं को आत्मनिर्भर, आत्मविश्वासी और जागरूक बनने के साथ समाज एवं राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया गया. कार्यक्रम में नारी सशक्तिकरण, महिला सुरक्षा, व्यक्तित्व विकास, सामाजिक दायित्व और नेतृत्व क्षमता जैसे विषयों पर वक्ताओं ने अपने विचार रखे.
कार्यक्रम की अध्यक्षता हिमानी कुमारी ने की, जबकि संचालन अभिज्ञा मिश्रा ने किया. मुख्य अतिथि वर्षा पांडेय ने कहा कि जीवन में सफलता हासिल करने के लिए लक्ष्य के प्रति समर्पण, अनुशासन और निरंतर परिश्रम जरूरी है. छात्राओं को अपनी क्षमताओं पर विश्वास रखते हुए चुनौतियों का सामना करना चाहिए. उन्होंने कहा कि युवतियां परिवार के साथ-साथ समाज और राष्ट्र की प्रगति में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं. शिक्षित, जागरूक और आत्मनिर्भर युवतियां ही सशक्त समाज और विकसित राष्ट्र के निर्माण में योगदान दे सकती हैं.
उन्होंने पंच परिवर्तन के विभिन्न आयामों की चर्चा करते हुए सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी के प्रति जागरूकता, नागरिक कर्तव्यों के पालन और परिवार एवं समाज में सकारात्मक मूल्यों को बढ़ावा देने पर जोर दिया. साथ ही छात्राओं से सामाजिक कुरीतियों और अन्याय के विरुद्ध निडर होकर आवाज उठाने तथा राष्ट्रहित में अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने का आह्वान किया.

महिला सुरक्षा और कानूनी अधिकारों के प्रति किया जागरूक
विशिष्ट अतिथि नगर थाना, बक्सर की सहायक अवर निरीक्षक शुभम कुमारी ने छात्राओं को महिला सुरक्षा, अधिकारों और सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक किया. उन्होंने कहा कि आत्मविश्वास और जागरूकता के बल पर युवतियां जीवन की चुनौतियों का मजबूती से सामना कर सकती हैं. किसी भी समस्या या असहज परिस्थिति में छात्राओं को उचित सहायता लेने से पीछे नहीं हटना चाहिए. उन्होंने शिक्षा और करियर के साथ अपनी सुरक्षा तथा कानूनी अधिकारों की जानकारी रखने की आवश्यकता पर भी बल दिया. इस दौरान उन्होंने जरूरत पड़ने पर सहायता के लिए अपना संपर्क सूत्र भी साझा किया.
प्रो. डॉ. अर्चना राय ने कहा कि नारी सशक्तिकरण का अर्थ केवल रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना नहीं है, बल्कि महिलाओं को सुरक्षित वातावरण, समान अवसर, सम्मान और अधिकारों की जानकारी देना भी जरूरी है. उन्होंने कहा कि शिक्षा, सुरक्षा, समानता और आत्मनिर्भरता नारी सशक्तिकरण के प्रमुख आधार हैं. युवतियों को आत्मसम्मान के साथ अपने अधिकारों के प्रति सजग रहना चाहिए और अन्याय के विरुद्ध आवाज उठानी चाहिए. उचित अवसर और अनुकूल वातावरण मिलने पर युवतियां हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर समाज को नई दिशा दे सकती हैं.
नेतृत्व क्षमता विकसित करने पर दिया जोर
सम्मेलन में वक्ताओं ने कहा कि आज युवतियां शिक्षा, प्रशासन, खेल, विज्ञान, सामाजिक सेवा और नेतृत्व सहित विभिन्न क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा का परिचय दे रही हैं. ऐसे में उन्हें अपनी क्षमताओं को पहचानने और नेतृत्व कौशल विकसित करने के लिए प्रोत्साहित करना आवश्यक है. इस तरह के आयोजन छात्राओं को अपने विचार साझा करने, नई प्रेरणा प्राप्त करने और सामाजिक दायित्वों के प्रति जागरूक होने का अवसर प्रदान करते हैं.
कार्यक्रम के अंत में बेबी कुमारी ने धन्यवाद ज्ञापन किया और अतिथियों, प्राध्यापकों, छात्राओं तथा कार्यकर्ताओं के प्रति आभार व्यक्त किया.
मौके पर विभाग संयोजक अविनाश पांडेय, जिला संयोजक अभिनंदन मिश्रा, खेलो भारत प्रांत सह-संयोजक मनीष सिंह, विराज सिंह, प्रियांशु शुभम, राहुल कुमार, अभिषेक गुप्ता, ऋषि नंदन दुबे, संजीत यादव, आदित्य सिंह, नंदन कुमार, दिव्यांशु मिश्रा, प्रभास चौबे, शुभांकित पांडेय, दीपक कुमार और वैभव श्रीवास्तव सहित अभाविप के सैकड़ों कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित थीं.



