Buaxr बक्सर-आरा-पटना पैसेंजर ट्रेन में यात्रा के दौरान एक नवजात बच्ची लावारिस अवस्था में मिलने का मामला सामने आया है। ट्रेन की खाली बोगी में सीट पर अकेली पड़ी बच्ची पर पटना में पदस्थापित स्पेशल ब्रांच के सब इंस्पेक्टर राकेश कुमार पांडेय की नजर पड़ी। उन्होंने तत्काल आरपीएफ को सूचना दी और बच्ची की सुरक्षा को देखते हुए अपनी यात्रा रोक दी। बाद में आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर बच्ची को बाल संरक्षण इकाई, आरा के हवाले कर दिया गया।
जानकारी के अनुसार, राकेश कुमार पांडेय अपनी पत्नी शांति देवी के साथ बक्सर से पटना की ओर जा रही पैसेंजर ट्रेन में यात्रा कर रहे थे। इसी दौरान उनकी नजर ट्रेन की एक खाली बोगी में सीट पर पड़ी नवजात बच्ची पर गयी। बच्ची के आसपास कोई परिजन मौजूद नहीं था। बच्ची को अकेला देखकर राकेश कुमार पांडेय ने तत्काल इसकी सूचना आरपीएफ को दी और उसकी सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए ट्रेन से उतर गये।
इसके बाद आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर नवजात बच्ची को बाल संरक्षण इकाई, आरा को सौंप दिया गया। विभाग की ओर से बच्ची की देखभाल की जा रही है। साथ ही उसके परिजनों की पहचान को लेकर आवश्यक जानकारी जुटायी जा रही है।

राकेश कुमार पांडेय ने बताया कि बच्ची करीब एक से दो दिन की प्रतीत हो रही थी। उन्होंने बताया कि बच्ची ट्रेन की सीट पर अकेली मिली थी। मामले की जानकारी संबंधित अधिकारियों को देने के बाद उन्होंने बच्ची को बाल संरक्षण इकाई के सुपुर्द कर दिया।
बताया जाता है कि राकेश कुमार पांडेय कृष्णाब्रह्म थाना क्षेत्र के शोभा गांव के निवासी हैं। बच्ची मिलने के बाद उन्होंने अपनी यात्रा जारी रखने के बजाय उसकी सुरक्षा को प्राथमिकता दी और उसे संबंधित विभाग के हवाले किया। उनकी इस पहल से नवजात को तत्काल संरक्षण मिल सका



