
बक्सर। विश्व हृदय दिवस के अवसर पर साबित खिदमत फाउंडेशन अस्पताल एवं डायग्नोस्टिक सेंटर, चीनी मिल, बक्सर के परिसर में मंगलवार को हृदय रोग से बचाव एवं स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया. कार्यक्रम में करीब 100 से 150 मरीजों एवं स्थानीय लोगों ने हिस्सा लिया. इस दौरान लोगों को हृदय को स्वस्थ रखने के उपायों के साथ-साथ आपात स्थिति में जीवन बचाने के लिए सीपीआर का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया.
कार्यक्रम में डॉ. दिलशाद आलम एवं डॉ. मनीष कुमार ने हृदय रोग के प्रमुख लक्षण, जोखिम कारक, प्राथमिक उपचार और बचाव के उपायों की जानकारी दी. डॉ. दिलशाद आलम ने कहा कि अचानक हृदय गति रुकने की स्थिति घर, सड़क, क्लीनिक या अस्पताल कहीं भी उत्पन्न हो सकती है. ऐसे समय में समय पर दी गयी सीपीआर जीवन बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है. इसलिए चिकित्साकर्मियों के साथ आम लोगों को भी सीपीआर का प्रशिक्षण लेना चाहिए.
उन्होंने लोगों से प्रतिदिन कम से कम 30 मिनट शारीरिक गतिविधि के लिए समय निकालने, नियमित व्यायाम करने, संतुलित आहार लेने तथा धूम्रपान और तंबाकू से दूरी बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि सीने में दर्द, सांस फूलना, अत्यधिक पसीना, घबराहट या हृदय संबंधी अन्य लक्षण दिखने पर तत्काल चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए.

डॉ. मनीष कुमार ने कहा कि नियमित स्वास्थ्य जांच के साथ रक्तचाप, मधुमेह और कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखना हृदय रोग के जोखिम को कम करने में सहायक है। उन्होंने लोगों से समय-समय पर चिकित्सकीय परामर्श लेने की अपील की.
कार्यक्रम में बीना, नाज, सरस्वती, चिंता, डॉ. उज्ज्वल, नसीम, अरुण कुमार सिंह, अरुण कुमार पाध्या, सुनील कुमार, तरन्नुम, मुन्ना सिंह, प्रदीप, राय, शशि, शांति, अजय गोर, दिया, सूजा, चंद्रशेखर, गुराम पीर, अफसाना, सावित्री, साबित, रोहतास वी, मीर, जानकी, ललन यादव और सुजीत सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे.



