
बक्सर. इंडिया महागठबंधन के पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत गुरुवार को बक्सर के ऐतिहासिक किला मैदान में महागठबंधन के कार्यकर्ता जुटे. यहां से भारत निर्वाचन आयोग के मुख्य चुनाव आयुक्त, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के पुतले के साथ जुलूस निकाला गया. जुलूस पुलिस चौकी होते हुए अंबेडकर चौक पहुंचा. इस दौरान कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की.
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ भी नारे लगाये. कार्यकर्ताओं ने ‘वोट चोर गद्दी छोड़’, ‘लोकतंत्र के हत्यारे गद्दी छोड़’ समेत कई नारे लगाये. इसके अलावा केंद्र सरकार और भाजपा के खिलाफ भी नारेबाजी की गयी. प्रदर्शनकारियों ने चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर विरोध जताया.
आरजेडी जिलाध्यक्ष ने चुनाव आयोग पर लगाये गंभीर आरोप

आरजेडी के जिलाध्यक्ष शेषनाथ सिंह ने कहा कि भाजपा वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान किये गये वादों पर खरी नहीं उतरी. उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता में बने रहने के उद्देश्य से वर्ष 2023 में विपक्षी सांसदों के निलंबन के बीच चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति से संबंधित कानून पारित कराया गया. उन्होंने आरोप लगाया कि इसी कानून के तहत ज्ञानेश कुमार को मुख्य चुनाव आयुक्त बनाया गया.
उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार समेत अन्य राज्यों में एसआइआर के माध्यम से मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर नाम हटाये गये, जिससे चुनाव परिणाम प्रभावित हुए. उन्होंने बिहार और पश्चिम बंगाल की सरकारों को भी लेकर सवाल उठाये तथा मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाने और संबंधित राज्यों में पुनः चुनाव कराने की मांग की.
सड़क से संसद तक जारी रहेगी लड़ाई : पंकज उपाध्याय
कांग्रेस जिलाध्यक्ष पंकज उपाध्याय ने कहा कि जब तक केंद्र सरकार और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ उठाये गये सवालों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक इंडिया महागठबंधन सड़क से लेकर संसद और विधानसभा तक अपनी लड़ाई जारी रखेगा. उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से प्रदर्शन का सिलसिला आगे भी जारी रहेगा.
वहीं संतोष भारती ने कहा कि इंडिया महागठबंधन चुनाव आयोग से सवाल पूछ रहा है, लेकिन भाजपा इसका विरोध कर रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के प्रवक्ता टेलीविजन पर आकर चुनाव आयोग का बचाव कर रहे हैं.
कई नेता और कार्यकर्ता रहे मौजूद
कार्यक्रम में बक्सर लोकसभा के पूर्व सांसद तेजनारायण सिंह, कांग्रेस के पूर्व विधायक विश्वनाथ राम, कामेश्वर पांडेय, बच्चा लाल निषाद, बबलू यादव, बालक दास, भारत सिंह, लालबाबू यादव, सत्येंद्र सिंह यादव, जगनारायण यादव, अखिलेश सिंह, दिलीप सिंह, शारदा यादव, भुट्टो खान, इफ्तिखार अहमद, पूजा कुमारी, कृष्णावती देवी, बसंती देवी, निर्मल देवी, निर्मल कुशवाहा, शशि कुमार राय, सरोज राजभर, रमाशंकर कुशवाहा, संतोष यादव, मनोज ठाकुर, ददन पासवान, धर्मराज चौहान, जिंदू यादव, हसन मास्टर, राजू पासवान, राजू यादव, रामेश्वर तुरहा, मदन गोंड, शमशेर शर्मा, युवा नेता राजेश यादव, आजाद खान, राजा खान, राजेंद्र मौर्या, ओमप्रकाश माली, उमेश कुमार सिंह, आफताब आलम, जवाहर पासवान, बनवारी यादव, लालन कुशवाहा, सुरेश यादव, राजाराम पांडे, सत्येंद्र ओझा, लक्ष्मण उपाध्याय, पीयूष कुशवाहा, राजू वर्मा, सत्येंद्र आजाद, इंद्रजीत कुशवाहा, अंकित यदुवंशी, राजीव कुमार सिंह और तेजनारायण पांडेय सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे.



