मांगें नहीं पूरी हुईं तो 20 मार्च 2026 से चौसा थर्मल प्लांट में तालाबंदी: किसान मोर्चा


बक्सर/चौसा। चौसा थर्मल पावर प्लांट (STPL) के सामने मंगलवार को विभिन्न किसान संगठनों ने एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया। इस धरने का आयोजन परियोजना प्रभावित परिवारों, 1064 एकड़ जमीन से प्रभावित मजदूर/पौनी, और स्थानीय बेरोजगारों की मांगों को लेकर किया गया। धरना थर्मल प्लांट के मुख्य गेट के पास आयोजित किया गया।
धरना कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भारतीय किसान यूनियन बिहार-झारखंड प्रदेश अध्यक्ष दिनेश कुमार, बिहार राज्य दुग्ध उत्पादक संघ प्रदेश अध्यक्ष अशोक कुमार सिंह, प्रभावित किसान खेतिहर मजदूर मोर्चा चौसा के अध्यक्ष रामप्रवेश सिंह यादव, पूर्व जिप सदस्य बसंती देवी, और बनारपुर पंचायत मुखिया ममता देवी उपस्थित रहे। धरना की अध्यक्षता ललितेश्वर राय ने की, जबकि मंच संचालन नन्द कुमार राम ने किया।
धरने को संबोधित करते हुए प्रमुख वक्ताओं ने कहा कि STPL थर्मल पावर प्लांट परियोजना से प्रभावित परिवारों और मजदूरों/पौनी को RG राशि का एकमुश्त भुगतान (5 लाख रुपये) और 750 दिन की मजदूरी के हिसाब से भुगतान वर्ष 2016 में किया जाना था, लेकिन अब तक भुगतान नहीं हुआ है।
उन्होंने कहा कि जो भुगतान अब किया जा रहा है वह नियमों के विरुद्ध है।
वक्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि नौकरी/रोजगार के लिए प्रभावित गांवों और क्षेत्र के बेरोजगार युवाओं ने वर्ष 2019-20 से लगातार बायोडाटा जमा किए, लेकिन कंपनी के अधिकारियों द्वारा बाहरी लोगों को प्राथमिकता दी जा रही है। इसके अलावा फसल वार्षिकी का भुगतान वर्ष 2016 से ही होना था, जो अभी तक लंबित है।
धरने में यह भी बताया गया कि कोयला डंपिंग यार्ड से कोल प्रदूषण लगातार जारी है, जिससे प्रभावित गांवों खेलाफतपुर, नरैनापुर, अखौरीपुर, कनकनारायनपुर, बनारपुर, सिकरौल आदि के लोगों का जीवन दूभर हो गया है।
किसान मोर्चा ने कहा कि प्रशासन और परियोजना पदाधिकारियों की उपेक्षात्मक रवैया के कारण और परियोजना प्रभावित परिवारों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन, परियोजना प्रबंधन और सरकार का ध्यान आकर्षित करने के लिए ये मांगें उठाई जा रही हैं।
किसान मोर्चा ने चेतावनी दी है कि यदि उपरोक्त मांगे पूरा नहीं किया गया तो 20 मार्च 2026 (शुक्रवार) से STPL थर्मल पावर प्लांट का सारा कार्य अनिश्चितकालीन शांतिपूर्ण तरीके से बंद कर दिया जाएगा।



