
बक्सर। शहर के एक निजी सभागार में दधीची देह दान समिति जिला इकाई, बक्सर के तत्वावधान में क्षेत्रीय सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता समिति की प्रदेश उपाध्यक्ष सह जिला अध्यक्ष मीना सिंह ने की, जबकि संचालन आसा पर्यावरण सुरक्षा के राज्य संयोजक सह दधीची देह दान समिति बक्सर के संयोजक शिक्षक विपिन कुमार ने किया।
कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए मुख्य अतिथि दधीची देह दान समिति बिहार के प्रदेश अध्यक्ष एवं सिक्किम के पूर्व राज्यपाल गंगा प्रसाद ने कहा कि मानवता को कायम रखने के लिए अंगदान महादान है। उन्होंने लोगों से मृत्यु के बाद नेत्रदान करने की अपील करते हुए कहा कि जीवात्मा के शरीर से निकलने के बाद शरीर का कोई महत्व नहीं रह जाता है। ऐसे में अपने अंगों का उपयोग दूसरों के जीवन बचाने के लिए किया जाना चाहिए, ताकि मृत्यु के बाद भी व्यक्ति लोगों के दिलों में जीवित रहे।
जिला अध्यक्ष मीना सिंह ने कहा कि वर्ष 2019 में जिला स्तरीय समिति का गठन हुआ था और तब से समिति लगातार जनजागरूकता का कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि अब तक जिले में दो देहदान हो चुके हैं तथा अंगदान और देहदान के लिए करीब 200 लोगों ने संकल्प लिया है। इस अवसर पर सामूहिक रूप से संकल्प पत्र प्रदेश अध्यक्ष को सौंपा गया।
सम्मेलन में देहदान करने वाले स्व. रामछबीला सिंह के भतीजे सुजीत सिंह तथा नेत्रदान करने वाले स्व. पन्नालाल सर्राफ के पुत्र विनीत सर्राफ सहित कई लोगों को सम्मानित किया गया। वहीं समाजसेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए रोटरी के पास्ट गवर्नर डॉ. चंद्र माधव सिंह को लाइफ टाइम अचीवमेंट सम्मान प्रदान किया गया। पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में कार्य के लिए शिक्षक विपिन कुमार तथा कोरोना काल में सेवा कार्य के लिए राजेश केशरी समेत कई अन्य लोगों को भी सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में अंगदान और देहदान के प्रति लोगों को जागरूक करने पर विशेष जोर दिया गया।




