BlogCrimeOthers

चलती ट्रेनों में यात्रियों को निशाना बनाने वाले चोर गिरोह का भंडाफोड़, दो शातिर गिरफ्तार

बक्सर। चलती ट्रेनों में यात्रियों के बैग और कीमती सामान पर हाथ साफ करने वाले एक शातिर गिरोह का स्थानीय रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने पर्दाफाश किया है। सीसीटीवी फुटेज और खुफिया तंत्र की मदद से पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से लाखों रुपये मूल्य का सामान बरामद किया है। गिरफ्तार आरोपियों में एक कुख्यात हिस्ट्रीशीटर भी शामिल है, जिसके खिलाफ विभिन्न थानों में 10 से अधिक मामले दर्ज हैं।

सीसीटीवी फुटेज से खुला चोरी की वारदातों का राज

आरपीएफ पोस्ट प्रभारी निरीक्षक कुंदन कुमार ने बताया कि गाड़ी संख्या 12141 पाटलिपुत्र-एलटीटी एक्सप्रेस तथा 19421 अहमदाबाद एक्सप्रेस में पिछले कुछ दिनों से यात्रियों के ट्रॉली बैग और अन्य कीमती सामान चोरी होने की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। मामले की गंभीरता को देखते हुए बक्सर स्टेशन के सीसीटीवी कैमरों की जांच की गई।

फुटेज में एक संदिग्ध युवक यात्रियों का ट्रॉली बैग लेकर निकलते हुए दिखाई दिया। इसके बाद आरपीएफ की टीम ने खुफिया तंत्र को सक्रिय किया, जिसके आधार पर उसकी पहचान इटाढ़ी थाना क्षेत्र के हकीमपुर गांव निवासी 22 वर्षीय सूरज कुमार गुप्ता के रूप में हुई।

किराए के मकान में छापेमारी, दो आरोपी दबोचे गए

लोकेशन मिलने के बाद आरपीएफ की विशेष टीम ने स्टेशन से सटे पांडेपट्टी इलाके में स्थित एक किराए के मकान पर छापेमारी की। अचानक हुई कार्रवाई से आरोपियों को संभलने का मौका नहीं मिला और मौके से दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान हकीमपुर गांव निवासी सूरज कुमार गुप्ता तथा नगर थाना क्षेत्र के किला मैदान झोपड़पट्टी निवासी हीरालाल भट्ट के 21 वर्षीय पुत्र अक्षय कुमार के रूप में हुई है।

तलाशी में लाखों का सामान बरामद

पुलिस ने कमरे की तलाशी के दौरान चोरी के कई सामान बरामद किए। जब्त सामग्री में वारदात और फरारी में इस्तेमाल की जाने वाली एक लग्जरी कार, एक सोने की चेन, दो ट्रॉली बैग, दो पिट्ठू बैग, आठ महंगे स्मार्टफोन और एक लैपटॉप शामिल हैं।

चार थानों की पुलिस के लिए बना था सिरदर्द

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार मुख्य आरोपी सूरज कुमार गुप्ता के खिलाफ बक्सर टाउन थाना, औद्योगिक क्षेत्र थाना, इटाढ़ी थाना तथा रोहतास जिले के बनास थाना में चोरी और लूट के 10 से अधिक मामले दर्ज हैं। वह लंबे समय से पुलिस के लिए सिरदर्द बना हुआ था।

आरपीएफ अब यह पता लगाने में जुटी है कि गिरोह के अन्य सदस्य कौन हैं और चोरी के सामान की खरीद-बिक्री का नेटवर्क कहां तक फैला हुआ है।

पूछताछ और आवश्यक कार्रवाई के बाद दोनों आरोपियों को रेल थाना पुलिस के हवाले कर दिया गया। न्यायालय में पेशी के बाद दोनों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!