
बक्सर/आरा, भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव निवासी भरत भूषण तिवारी की पुलिस कार्रवाई के बाद हुई मौत के मामले में विश्वामित्र सेना ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए पूरे प्रकरण की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। संगठन ने कहा है कि यदि जांच में पुलिस मुठभेड़ अवैध या फर्जी पाई जाती है, तो इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों एवं पुलिसकर्मियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए तथा जांच पूरी होने तक उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाना चाहिए।
विश्वामित्र सेना के राष्ट्रीय संयोजक राजकुमार चौबे ने कहा कि भरत भूषण तिवारी की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मृत्यु अत्यंत गंभीर और चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि यदि किसी निर्दोष व्यक्ति की जान पुलिस के अधिकारों के दुरुपयोग के कारण गई है, तो दोषी अधिकारियों को किसी भी प्रकार का संरक्षण नहीं मिलना चाहिए।
उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए और जिस अधिकारी के नेतृत्व में कथित मुठभेड़ हुई, उसे जांच पूरी होने तक तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाए। साथ ही यदि जांच में दोष सिद्ध होता है, तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध हत्या समेत सभी प्रासंगिक धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

विश्वामित्र सेना ने राज्य सरकार से पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा, सुरक्षा एवं न्याय उपलब्ध कराने की भी मांग की है। संगठन का कहना है कि ऐसी घटनाएं कानून व्यवस्था पर आम लोगों के विश्वास को प्रभावित करती हैं, इसलिए सरकार को निष्पक्षता के साथ पूरे मामले की सच्चाई सामने लानी चाहिए।




