
बक्सर। शिव शिष्यता के संदेशवाहक एवं इस कालखंड के प्रथम शिव शिष्य साहब हरिन्द्रानन्द जी की धर्मपत्नी राजमणि नीलम आनंद (दीदी नीलम) की 21वीं पुण्यतिथि बुधवार को अत्यंत श्रद्धा और आध्यात्मिक उल्लास के साथ मनाई गई। इस अवसर पर शहर के नया बाजार स्थित एक मैरेज हॉल के भव्य प्रांगण में वृहद ‘शिव गुरु परिचर्चा’ का आयोजन किया गया, जिसमें दूर-दराज के क्षेत्रों से पहुंचे शिव शिष्यों एवं श्रद्धालुओं ने अपनी श्रद्धामयी उपस्थिति दर्ज कराई।
आध्यात्मिक समागम को संबोधित करते हुए जिला शिव कार्य समिति के अध्यक्ष सतीश कुमार ने दीदी नीलम के त्याग एवं सादगीपूर्ण जीवन पर भावपूर्ण प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि घने जंगलों के बीच पली-बढ़ीं दीदी नीलम के व्यक्तित्व में मां नर्मदा जैसी निर्मलता तथा विषम परिस्थितियों में हिमालय जैसी अडिगता समाहित थी। उन्होंने शिव शिष्यता के इस पावन अभियान को अपनी संतान की भांति प्रेम, समर्पण और ऊर्जा से सींचा था।
उन्होंने बताया कि 17 जून 2005 को दीदी नीलम ने अपनी नश्वर मानव देह का परित्याग किया था। आज देश-विदेश के शिव शिष्य उनकी पुण्यतिथि को श्रद्धापूर्वक स्मरण करते हैं। सतीश कुमार ने उपस्थित शिव शिष्यों को प्रेरित करते हुए कहा कि यदि सभी लोग पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ महादेव के इस कार्य को आगे बढ़ाने का संकल्प लें, तो सद्गुरु शिव की असीम अनुकंपा सदैव सभी पर बनी रहेगी।
समारोह के अगले चरण में शिव भजनों की रसधार प्रवाहित हुई, जिसने संपूर्ण वातावरण को भक्तिमय बना दिया। सुप्रसिद्ध गायक पवन कुमार ने दीदी नीलम की स्मृति में एक से बढ़कर एक भाव-विभोर कर देने वाले भजनों की प्रस्तुति दी, जिससे उपस्थित श्रद्धालु पूरी तरह शिवमय हो उठे।

भजन संध्या के उपरांत जिला शिव कार्य समिति के सचिव राजू प्रसाद ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि साहब हरिन्द्रानन्द जी के दिव्य विचारों एवं आध्यात्मिक मार्ग पर चलने से ही मनुष्य के जीवन पर गुरु शिव की विशेष कृपा बरसती है।
कार्यक्रम की सफलता में स्थानीय प्रबुद्धजनों एवं शिव शिष्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। इस अवसर पर रंजन प्रसाद, रविरंजन श्रीवास्तव, राजकुमार सेठ, रविन्द्र कुमार गुप्ता, अजय चौबे, मदन सिंह, श्रीभगवान चौधरी, विरेन्द्र केशी, कन्हैया साह, शैलेन्द्र वर्मा, गीता देवी, सोनी देवी, मीना देवी, नीलम कुमारी, स्नेहा कुमारी, ज्योति कुमारी, मंजू कुमारी, विरेन्द्र सिंह, संतोष चौहान, कृष्णा कुमार यादव एवं जितेन्द्र राय समेत बड़ी संख्या में शिव शिष्य एवं श्रद्धालु उपस्थित थे।




